रोशनी का उत्सव: भव्य नेत्र शिविर में उमड़ा जनसैलाब, 500 जरूरतमंदों को मिला नया नजरिया
“असहाय की आंखों में रोशनी लौटाना ही हमारा संकल्प है” — छत्रबली सिंह
ब्यूरो अशोक कुमार जायसवाल
चंदौली इलिया । सेवा और संवेदना का अनूठा संगम रविवार को विकास खंड के तियरी गांव में देखने को मिला, जहां एसआरवीएस कृषि महाविद्यालय परिसर में आयोजित भव्य नि:शुल्क नेत्र शिविर ने सैकड़ों लोगों की जिंदगी में नई रोशनी भर दी। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में क्षेत्रभर से लोगों की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे दिन मानवीय सेवा का भावपूर्ण वातावरण बना रहा। शिविर में करीब 700 लोगों ने पंजीकरण कराकर नेत्र परीक्षण कराया। अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञों—डॉ. वैभव, डॉ. ए.के. चौबे, डॉ. विनय देशमुख, डॉ. विपिन मौर्य और डॉ. आर.एस. वर्मा—की टीम ने धैर्यपूर्वक एक-एक मरीज की जांच की। परीक्षण के बाद 500 जरूरतमंदों को निशुल्क चश्मे वितरित किए गए, जिससे उनकी धुंधली पड़ चुकी दृष्टि को नई स्पष्टता मिली। वहीं 200 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चिन्हित किया गया।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह ने बताया कि चिन्हित सभी मरीजों का मोतियाबिंद ऑपरेशन प्रभावती नेत्र अस्पताल, वाराणसी में पूरी तरह नि:शुल्क कराया जाएगा। उन्होंने कहा, “सेवा का यह सिलसिला वर्षों से जारी है। हमारा संकल्प है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचे और किसी जरूरतमंद को इलाज के अभाव में परेशान न होना पड़े।”
शिविर केवल उपचार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद का माध्यम भी बना। इस दौरान ग्रामीणों ने गांवों की बुनियादी समस्याएं और विकास से जुड़े मुद्दे रखे। छत्रबली सिंह ने भरोसा दिलाया कि विकास खंड का कोई भी गांव प्रगति से वंचित नहीं रहेगा और जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। इस अवसर पर श्याम जी सिंह, मुन्नू सिंह, राकेश सिंह, साहब सिंह, संतोष त्रिपाठी, रतीश कुमार, सतीश चौहान, विकास सिंह ‘विक्कू’, सोनू सिंह, अजय सिंह ‘सपना’, उपेन्द्र पांडेय, एहसान अहमद, लव केशरी, संतोष सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग, चिकित्सक और संस्था के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
तियरी की धरती पर आयोजित यह मानवीय पहल एक प्रेरक संदेश छोड़ गई—जब नीयत में सेवा और करुणा हो, तो अंधकार कितना भी गहरा क्यों न हो, उजाला अपना रास्ता बना ही लेता
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