Breaking News
Kashi Ki Aawaz | आदि शक्ति लोना माता समाधि स्थल पर उमड़ा आस्था का सैलाब, माघ पूर्णिमा पर हजारों श्रद्धालुओं ने टेका मत्था
चंदौली

आदि शक्ति लोना माता समाधि स्थल पर उमड़ा आस्था का सैलाब, माघ पूर्णिमा पर हजारों श्रद्धालुओं ने टेका मत्था

आदि शक्ति लोना माता समाधि स्थल पर उमड़ा आस्था का सैलाब, माघ पूर्णिमा पर हजारों श्रद्धालुओं ने टेका मत्था

मुग़लसराय के ताहिरपुर बंदरगाह स्थित आदि शक्ति लोना माता समाधि स्थल पर सनातन परंपरा के अनुसार माघ मास की पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब देखने को मिला। इस पावन अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचकर माता के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहे हैं।
मान्यताओं के अनुसार आदि शक्ति लोना माता को तंत्र साधना में एक अत्यंत शक्तिशाली दिव्य स्त्री और योगिनी के रूप में पूजा जाता है। उन्हें गुरु गोरखनाथ की शिष्या तथा कामाख्या क्षेत्र से संबंधित माना जाता है। श्रद्धालुओं की आस्था है कि माता बुरी नजर, तांत्रिक बाधाओं और जादू-टोने से रक्षा करती हैं, इसी कारण शाबर मंत्रों में भी उनकी दुहाई दी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आदि शक्ति लोना माता, संत रविदास (रैदास) जी की धर्मपत्नी थीं। वे सरल स्वभाव की थीं और ऐतिहासिक ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि संत रविदास जी का विवाह 12 वर्ष की आयु में लोना देवी से हुआ था। उनके एक पुत्र विजय दास थे। मान्यता है कि संत रविदास जयंती पर वाराणसी आने वाले श्रद्धालु यहां स्थित माता के समाधि स्थल पर भी अवश्य मत्था टेकते हैं। माघ पूर्णिमा के अवसर पर समाधि स्थल पर भक्ति गीतों की गूंज के बीच श्रद्धालु भाव-विभोर होकर नृत्य करते नजर आए। वहीं, आयोजन समिति की ओर से तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसका समापन 2 फरवरी को होगा। इस दौरान लगातार लंगर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।आयोजन समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि आदि शक्ति लोना माता जी संत रविदास की पत्नी थीं और यही उनका समाधि स्थल है। जो श्रद्धालु वाराणसी स्थित रविदास मंदिर आते हैं, वे यहां भी दर्शन के लिए अवश्य पहुंचते हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रवचनकर्ता बालचरण सहित सुजीत कुमार (कोषाध्यक्ष), कमलेश, महेंद्र, रविन्द्र, आजाद, संजीव, प्रह्लाद, अनिल, देवेंद्र, मुकुंद, विनोद जी, मनीष, साबिर अंसारी समेत समिति के अन्य सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

You can share this post!

Leave Comments

Login to leave a comment.